
डिंडौरी /अमरपुर – जनपद पंचायत अमरपुर के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत भाखा में जिम्मेदारों की लापरवाही किसी शर्म से कम नहीं है। यहां का पूरा पंचायत संचालन सिर्फ एक चपरासी के भरोसे चल रहा है, जबकि सचिव, सरपंच और रोजगार सहायक सभी पंचायत मुख्यालय से गायब रहते हैं। जब मीडिया टीम मौके पर पहुंची, तो पंचायत भवन का नजारा चौंकाने वाला था —
कुर्सियां खाली,पूरे कार्यालय में सिर्फ एक चपरासी मौजूद,जब चपरासी से पूछा गया कि बाकी जिम्मेदार कहां हैं, तो उसने साफ कहा — “सचिव और सरपंच बाजार करने सक्का गए हैं।” अब सवाल यह उठता है कि पंचायत भवन को बाजार का इंतज़ार क्यों करना पड़ता है? ग्रामीणों का कहना है कि वे रोजाना अपने कामों के लिए पंचायत में आते हैं — किसी को जाति प्रमाण पत्र बनवाना होता है, किसी को पेंशन आवेदन जमा करना होता है, तो कोई मनरेगा भुगतान की जानकारी लेने आता है — लेकिन घंटों बैठने के बाद उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है। ग्राम पंचायत भाखा में प्रशासनिक सुस्ती और जिम्मेदारों की नदारदी ने विकास कार्यों पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया है।
अब देखना यह होगा कि अमरपुर जनपद पंचायत के अधिकारी इस लापरवाही पर कब कार्रवाई करते हैं, या फिर यह पंचायत भी सिर्फ चपरासी के भरोसे यूं ही चलती रहेगी।
