शहपुरा – शहपुरा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत कछारी माल की ग्राम सभा एक बार फिर स्थगित कर दी गई। लगातार तीसरी बार ग्राम सभा न होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। 15 अगस्त 2025, 20 अगस्त 2025 और अब 03 अक्टूबर 2025 को होने वाली ग्राम सभाओं को टाल दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक जानबूझकर ग्राम सभा नहीं लगा रहे हैं ताकि लाखों रुपये के भ्रष्टाचार और गड़बड़ी पर पर्दा डाला जा सके।ग्राम सभा के सदस्यों का आरोप है कि पंचायत के पुराने कामों का आय-व्यय विवरण लगातार मांगा जा रहा है, लेकिन पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी हर बार सवालों से बचते नज़र आ रहे हैं। पारदर्शिता और जवाबदेही से दूरी ने ग्रामीणों के शक को और गहरा कर दिया है।
जनपद अधिकारी क्यों चुप?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जनपद पंचायत के अधिकारी आखिर क्यों चुप्पी साधे हुए हैं? ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत व्यवस्था की धज्जियां खुलेआम उड़ाई जा रही हैं, पंचायती राज अधिनियम 1973 की धारा 6 का खुला उल्लंघन हो रहा है, लेकिन फिर भी जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदकर बैठे हैं।
ग्रामीणों का आक्रोश
ग्रामीणों ने साफ कहा है कि जब तक ग्राम सभा में आय-व्यय का ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया जाता और पारदर्शिता नहीं लाई जाती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ग्राम सभा का आयोजन नहीं किया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
भ्रष्टाचार पर उठे सवाल
तीन-तीन बार ग्राम सभा स्थगित होना कहीं न कहीं गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। क्या वास्तव में पंचायत में भारी भरकम भ्रष्टाचार हुआ है? क्या अधिकारी और कर्मचारी मिलकर इस पर पर्दा डाल रहे हैं? आखिर क्यों जिम्मेदार जवाब देने से बच रहे हैं? ग्रामीण अब जवाब मांग रहे हैं और पंचायत व्यवस्था में व्याप्त इस उदासीनता ने शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


